27 Feb 2018

होली स्पेशल ! वो मजा शहर में कहा है ! साब ! By - Rohit Kumar



होली है भाई होली है ! आप सभी को मेरी तरफ से होली की हार्दिक शुभकामनाये !

   होली का त्यौहार आते ही लोगो के चेहरे पर रौनक आ जाती है ! लोग मालपुआ की , मुर्गा और शराब के नशे में डूब जाने की कसीस मे ही डूब जाते है ! पर उनकी होली कैसी होती होगी जो  अपने घर नही जा पाते है ! हम घर जा रहे है वो ख़ुशी इस बार नही है !जो  पिछली बार की ख़ुशी थी !  क्योकि हमारे कुछ दोस्त हमसे 12th  के परीक्षा के बाद बिछड़ने वाले है ! उनके साथ होली नही खेल पाएंगे ! और शायद कुछ ही दिनों बाद वो अपने नये कॉलेज चले जायेंगे ! और उनके साथ ये आखिरी होली थी ! शायद इस लिए बिलकुल भी मन नही घर जाने का ! पर घर ना जाये तो मेरा मन नही लगेगा !

         क्योकि की होली के पहले का जो धूम धडाका है ! वो धूम धडाका इस शहर में कहा है साब ! होलिका दहन के दिन रेड के पेड़ के डाल को काट कर,  फिर  सरसों या धनिया के सूखे हुए डंठल से होलिका बांधने में जो मजा है , वो मजा इस शहर में कहा है ! साब ! फिर लुकवारी ( मिट्टी के तेल में डूबा कर बनाया गया सूती बोरे का बनाया गया गोला जिसे लोहे की छड से बांधा जाता है ) बनाने में जो मजा है दोस्तों के साथ ! वो मजा कहा है इस शहर में ! साब !  फिर साथ में लहसुन और गेंहू के बलिया भी तो होती थी पकाने के लिए आहा जो मजा था खाने में था ! वो मजा इस शहर में कहा है ! साब ! फिर पूरी रात बैठकर लोगो को जगाने में जो मजा आता था ! वो मजा इस शहर में कहा है साब !
                 

                     वो सुबह उठ कर लोगो के साथ कीचड़ वाली होली खेल कर ! लोगो को पकड़ पकड़ कर कीचड़ लगाना और फिर कपडा फाड़ देना ! वो आनंद इस शहर में कहा है साब ! और फिर नदी नहाने का मजा जो आता है वो मैं इस पेज के माध्यम से बया नही कर सकता हु ! दोपहर को मालपुआ चिकेन खाने का स्वाद  आहा , जो मजा इसमे आता है ! वो इस शहर में कहा है साब ! लोगो के साथ टोली बना कर घर घर जाकर भौजी को रंग में डूबा देने में जो मजा है ! वो मजा इस शहर में कहा है साब ! छोटे को गले लगाना और बड़े के पैर छू कर आशीर्वाद लेकर होली मनाने में जो मजा है ! वो मजा इस शहर में कहा है साब !  शाम को पुरे गाव में घूमकर ह्लोली का प्रसाद बांटने में जो मजा आता था ! वो मजा इस शहर में कहा है ! साब ! 

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